वैश्विक अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुख तुर्किए के भूमध्यसागरीय प्रांत अंताल्या में 77वें इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉटिकल कांग्रेस 2026 के विशेष सत्र में जुटे। सत्र में अंतरिक्ष क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा हुई।
इस बैठक में तुर्किए, अमेरिका, यूरोप, चीन, भारत, कनाडा और जापान के वरिष्ठ एयरोस्पेस अधिकारी शामिल हुए।
तुर्क स्पेस एजेंसी के अध्यक्ष यूसुफ किराच ने कहा कि हाल के वर्षों में ऑर्बिटल एक्टिविटीज तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष तक टिकाऊ और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना एक बड़ी लॉजिस्टिकल चुनौती बन गया है, जिसे सहयोग के बिना हल करना संभव नहीं है।
किराच ने कहा, “अंतरिक्ष का भविष्य बनाने के लिए सामूहिक क्षमताओं, जिम्मेदार नेतृत्व और प्रभावी वैश्विक सहयोग की जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि इस साल आईएसी की थीम “द वर्ल्ड नीड्स मोर स्पेस” का अर्थ विज्ञान और इनोवेशन के लिए अधिक स्पेस, युवाओं और नए विचारों के लिए अधिक अवसर, और दुनिया के सभी देशों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
नासा के डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर मैट एंडरसन ने कहा कि आगामी आर्टेमिस थ्री मिशन में तीन अमेरिकी, एक कनाडाई और एक इतालवी अंतरिक्ष यात्री सहित बहुराष्ट्रीय क्रू शामिल होगा।
उन्होंने बताया कि मिशन में स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन के लूनर लैंडर्स के साथ ऑर्बिटल डॉकिंग मैन्यूवर्स का इस्तेमाल किया जाएगा और मिशन 2027 में पूरा होगा।
एंडरसन ने कहा कि अमेरिका को कांग्रेस से फंडिंग में पूरा समर्थन मिला है। उन्होंने बताया कि पिछले साल आर्टेमिस प्रोग्राम, मून बेस बनाने, स्थायी उपस्थिति स्थापित करने और फिर मार्स की दिशा में आगे बढ़ने के लिए बजट में 10 अरब डॉलर अतिरिक्त दिए गए।
उन्होंने कहा कि अगले साल आर्टेमिस थ्री के पूरा होने से आगे की आर्टेमिस मिशन्स का रास्ता खुलेगा।
यूरोपियन स्पेस एजेंसी के डायरेक्टर जनरल जोसेफ एशबाखर ने कहा कि स्पेस अब दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुका है और सैटेलाइट टेक्नोलॉजीज समाज के कई क्षेत्रों को लाभ पहुंचा रही हैं।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्पेस इकोनॉमी अगले दशक में मौजूदा 600 अरब डॉलर से तीन गुना बढ़कर 1.8 ट्रिलियन डॉलर से अधिक होने की उम्मीद है।
एशबाखर ने कहा कि यूरोप वैश्विक पार्टनरशिप्स के जरिए अपनी रोबोटिक और क्रूड एक्सप्लोरेशन क्षमता बढ़ाने के रास्ते तलाश रहा है।
विशेष एग्जीक्यूटिव सेशन में चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के लू गुओपिंग, इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के वी. नारायणन, कैनेडियन स्पेस एजेंसी के जीन-क्लॉड पीएडबूफ और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के हिरोशी यामाकावा भी शामिल हुए।






















