ओमान के रास अल हद्द से करीब 80 समुद्री मील दूर एक भारतीय जहाज डूब गया। जहाज पर सवार सभी 14 चालक दल के सदस्यों को रविवार को सुरक्षित बचा लिया गया।
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर बताया कि भारतीय ध्वज वाले जहाज एमएसवी विराट-1 से संबंधित बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
दूतावास के अनुसार, चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित रूप से दूसरे जहाज पर स्थानांतरित कर दिया गया। वे फिलहाल जबल अली-9 पर सवार हैं और मुंबई की ओर जा रहे हैं।
इससे पहले भारतीय दूतावास ने बताया था कि जहाज का इंजन खराब हो जाने के बाद चालक दल को जीवनरक्षक नौका में जाना पड़ा। इसके बाद ओमान के अधिकारियों और आसपास मौजूद जहाजों के सहयोग से खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया।
भारत के नौवहन महानिदेशालय ने बाद में पुष्टि की कि दुर्घटनाग्रस्त जहाज डूब गया है। समुद्री यातायात की जानकारी देने वाले मंच मरीनट्रैफिक के अनुसार, मालवाहक जहाज भारत में पंजीकृत था और भारतीय ध्वज के तहत संचालित हो रहा था।
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान के तटीय क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। इससे पहले इलाके में जहाजों पर हुए हमलों में भारतीय चालक दल के सदस्यों के हताहत होने की खबरें सामने आई थीं।
भारत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अमेरिका के शीर्ष राजनयिक को एक सप्ताह में दूसरी बार तलब कर जहाजों पर हमलों का विरोध दर्ज कराया था।
भारत सरकार ने गुरुवार को कहा था कि ओमान तट के पास अमेरिकी बलों द्वारा जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं में कम से कम तीन भारतीय नागरिक मारे गए।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, उसके बलों ने इस सप्ताह गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले एम/टी जलवीर तथा पलाऊ के ध्वज वाले एम/टी मैरिवेक्स और एम/टी सेटेबेलो को निष्क्रिय किया था। अमेरिका ने आरोप लगाया कि ये जहाज ईरानी तेल का परिवहन करने की कोशिश कर रहे थे।


















