पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने मंगलवार को कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) क्षेत्रीय देशों के बीच आर्थिक एकीकरण को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों से इस परियोजना में भागीदारी बढ़ाने और व्यापारिक तथा आर्थिक संपर्कों को मजबूत करने का आह्वान किया।
ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित एससीओ के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए डार ने कहा कि अरबों डॉलर की यह परियोजना सदस्य देशों के लिए आर्थिक सहयोग का विस्तार करने का अवसर है।
उन्होंने कहा, “चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा एससीओ के प्रत्येक साझेदार को व्यापक आर्थिक एकीकरण की हमारी साझा यात्रा में शामिल होने और उसे गति देने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।”
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा चीन की बेल्ट एंड रोड पहल का एक प्रमुख हिस्सा है।
इस परियोजना का उद्देश्य चीन के उत्तर-पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र को पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत से जोड़ना है।
इसके तहत लगभग 2,000 मील लंबे सड़क, रेलवे और पाइपलाइन नेटवर्क का विकास प्रस्तावित है।
पाकिस्तान इस परियोजना को क्षेत्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और परिवहन संपर्क बढ़ाने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में प्रस्तुत करता रहा है।
डार ने कहा कि क्षेत्रीय देशों के बीच निर्बाध आर्थिक एकीकरण हासिल करने के लिए ऊर्जा और परिवहन जैसे बुनियादी क्षेत्रों में लक्षित निवेश आवश्यक है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने एससीओ सदस्य देशों से उच्च संभावनाओं वाले आर्थिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान कृषि, खनन और खनिज संसाधनों तथा सूचना प्रौद्योगिकी सहित अधिक संभावनाओं वाले उद्योगों में निवेश बढ़ाने का दृढ़ता से समर्थन करता है।”
डार के अनुसार, इन क्षेत्रों में सहयोग से सदस्य देशों के बीच अधिक मजबूत और परस्पर जुड़ी हुई अर्थव्यवस्था विकसित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन, नवाचार, ऊर्जा सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सूचना सुरक्षा को भविष्य में एससीओ के आर्थिक सहयोग के महत्वपूर्ण स्तंभ बनाया जाना चाहिए।
इशाक डार ने SCO देशों के बीच व्यापारिक लेनदेन के लिए राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी दोहराई।
उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को आपसी भुगतान के लिए अपनी मुद्राओं का उपयोग बढ़ाने की दिशा में प्रयास तेज करने चाहिए।




















