भारत में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दुनिया में ऐसी भाषा और सोच स्वीकार्य नहीं है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “युद्ध दुखद होते हैं, लेकिन वे एक वास्तविकता हैं। हालांकि, किसी भी प्रकार की भाषा या कार्रवाई जो सभ्यता के अंत की बात करे, आधुनिक विश्व में अस्वीकार्य है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि “परमाणु हथियारों का उपयोग किसी भी परिस्थिति में न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।”
यह बयान ऐसे समय आया था जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर था । राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को एक नई समयसीमा दी थी, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने सहित एक समझौते की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि यह समयसीमा पूरी नहीं हुई, तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
पाकिस्तान की मध्यस्थता में शुक्रवार को इस्लामाबाद में बातचीत शुरू होने वाली है और इसके दो सप्ताह तक चलने की उम्मीद है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले कहा था कि वाशिंगटन इतने ही समय के लिए ईरान पर हमले रोक देगा और तेहरान के प्रस्ताव को बातचीत के लिए एक "व्यवहार्य आधार" बताया था।
ईरानी मीडिया के अनुसार, इस प्रस्ताव में अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए सभी प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंधों को हटाने, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा ईरान के विरुद्ध उठाए गए कदमों को समाप्त करने और मुआवजे का भुगतान करने की बात कही गई है।
योजना में क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर शत्रुता समाप्त करने की भी रूपरेखा दी गई है। ईरानी मीडिया द्वारा दी गई अतिरिक्त जानकारी से संकेत मिलता है कि प्रस्ताव युद्ध को समाप्त करने के लिए एक व्यापक समझौता ढांचा प्रदान करता है।















