भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को मुंबई में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की।
बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बातचीत को 'सार्थक' बताते हुए कहा कि भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
जयशंकर ने लिखा, “हमारे व्यापक संबंधों की विस्तृत समीक्षा के लिए एक सार्थक बैठक हुई।”
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग का विस्तार व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों सहित अनेक क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।
जयशंकर ने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और क्षेत्रीय तनाव के बावजूद भारत तथा यूएई के बीच आर्थिक साझेदारी लगातार नए मानक स्थापित कर रही है।
उन्होंने कहा, “वैश्विक चुनौतियों और क्षेत्रीय समस्याओं के बावजूद हमारी आर्थिक साझेदारी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।”
भारत और यूएई के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है।
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग अब रणनीतिक स्वरूप ले रहा है।
उन्होंने दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंधों और सांस्कृतिक सहयोग की भी सराहना की।
जयशंकर ने कहा कि भारत और यूएई के लोगों के बीच संपर्क दोनों देशों के समुदायों के जीवन को समृद्ध बना रहा है और सांस्कृतिक साझेदारी भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
बैठक के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर भी चर्चा की।
जयशंकर ने कहा कि मध्य पूर्व की स्थिति भारत के लिए गहरी चिंता का विषय बनी हुई है।
उन्होंने कहा, “हम बातचीत और कूटनीति को बढ़ावा देने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे और इस दिशा में मिलकर काम करेंगे।”




















