मिस्र, पाकिस्तान, तुर्किए और ओमान के विदेश मंत्रियों ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक समन्वय की अहमियत पर जोर दिया है।
मिस्र के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी लिखित बयान के मुताबिक, मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती ने ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से टेलीफोन पर बातचीत की।
बयान में कहा गया कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय हालात और बढ़ते तनाव को कम करने के लिए जारी प्रयासों की समीक्षा की गई। इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श हुआ। मंत्रियों ने इस बात पर बल दिया कि कूटनीतिक प्रक्रिया की सफलता के लिए आपसी समन्वय बेहद जरूरी है।
मिस्र के विदेश मंत्री अब्देलाती ने कहा कि वार्ता, तनाव कम करने और युद्ध समाप्ति सुनिश्चित करने वाले किसी ठोस समझौते तक पहुंचने की दिशा में एक बुनियादी कदम है।
चारों विदेश मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि मतभेदों के समाधान और क्षेत्र को और अधिक अस्थिरता की ओर जाने से रोकने के लिए संवाद और कूटनीतिक समाधान ही एकमात्र रास्ता हैं।
पृष्ठभूमि में, 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर हमलों के साथ शुरू हुए संघर्ष के बाद 8 अप्रैल को एक अस्थायी युद्धविराम लागू किया गया था। इसके बाद तेहरान और वाशिंगटन ने 11 अप्रैल को पाकिस्तान में स्थायी युद्धविराम के लिए वार्ता की, लेकिन करीब 21 घंटे तक चली बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।
पाकिस्तानी सूत्रों ने 19 अप्रैल को बताया था कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता के सिलसिले में वाशिंगटन से आए एक प्रारंभिक प्रतिनिधिमंडल को लेकर दो विमान इस्लामाबाद पहुंचे।














