भारत में छात्रों ने कहा कि अमेरिका में विदेशी कामगार वीज़ा प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन से भविष्य में वहाँ काम करने के उनके सपने पर ख़तरा मंडरा रहा है।
ट्रम्प प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि वह कंपनियों से H1B वर्किंग वीज़ा के लिए प्रति वर्ष 1,00,000 डॉलर का भुगतान करने को कहेगा, जिसके बाद कुछ बड़ी टेक कंपनियों और बैंकों ने कर्मचारियों को अमेरिका में ही रहने या तुरंत वापस लौटने की चेतावनी दी है।
