देश की परीक्षा और भर्ती व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ बड़ी संख्या में छात्र और युवा दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटे। व्यंग्यात्मक युवा आंदोलन “कॉकरोच जनता पार्टी” के बैनर तले हुए प्रदर्शन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
यह आंदोलन मुख्य न्यायाधीश की उस विवादित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें कथित तौर पर बेरोज़गार युवाओं के संदर्भ में “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल किया गया था। आंदोलन से जुड़े युवाओं ने इसी शब्द को विरोध के प्रतीक के रूप में अपनाते हुए परीक्षा प्रणाली, बेरोज़गारी और संस्थागत जवाबदेही का मुद्दा उठाया।
तीस वर्षीय अभिजीत दीपके द्वारा शुरू किया गया यह अभियान पहले सामाजिक मीडिया पर एक व्यंग्य के रूप में सामने आया था, लेकिन जल्द ही युवाओं के बड़े मंच में बदल गया। रॉयटर्स के अनुसार, आंदोलन के इंस्टाग्राम खाते पर दो करोड़ 20 लाख से अधिक अनुयायी हो चुके हैं। जंतर-मंतर पर हुए इसके पहले बड़े प्रदर्शन में छात्र, युवा पेशेवर और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी शामिल हुए।
आंदोलन के संस्थापक दीपके का दावा है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाली ऑनलाइन याचिका पर आठ लाख से अधिक लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अलग-अलग परीक्षा विवादों से करीब एक करोड़ विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं। हालांकि यह आंदोलन का अपना अनुमान है। अकेले नीट-यूजी 2026 में करीब 22.79 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत थे।
