सरकार विरोधी कॉकरोच जनता पार्टी के 30 वर्षीय संस्थापक अभिजीत दिपके का कहना है कि उन्हें भारत में गिरफ्तारी का डर है। उन्होंने बताया कि पार्टी के कई सोशल मीडिया अकाउंट सेंसर कर दिए गए हैं और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली हैं।
पिछले दो वर्षों से अमेरिका में रह रहे दिपके ने रॉयटर्स को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि सरकार द्वारा ब्लॉक किए जाने के बाद वे अपने X अकाउंट पर दोबारा नियंत्रण पाने, अज्ञात हैकरों से अपने सीजेपी इंस्टाग्राम पेज को वापस हासिल करने और व्हाट्सएप पर मिली शारीरिक धमकियों के बाद दोनों देशों में अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं।
भारतीय युवाओं की इस ऑनलाइन पार्टी ने बुधवार को पहली बार शिक्षा मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की योजना का खुलासा किया। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के शासन के खिलाफ असहमति जताने का एक तरीका है।
सीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता की तुलना पड़ोसी देशों बांग्लादेश और नेपाल में हुई उन जनरेशन जेड (Gen Z) के नेतृत्व वाली क्रांतियों से की जा रही है, जिन्होंने सरकारों को गिरा दिया था।
पार्टी का नाम भारत के सर्वोच्च न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की उस टिप्पणी से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "तिलचट्टों" से की थी।
इस पार्टी के इंस्टाग्राम पर 22 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं, जो भाजपा के एक दशक से अधिक समय में जुटाए गए 93 मिलियन फॉलोअर्स से कहीं अधिक हैं।
