उत्तर प्रदेश के शामली में धर्मांतरण को लेकर जारी विवाद के बीच आयुष मलिक, जो अब खुद को मोहम्मद अली बताते हैं, ने कहा है कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम अपनाया और उन पर किसी ने दबाव नहीं डाला।
सामाजिक माध्यमों पर सामने आए बयान में आयुष ने कहा, “अल्हम्दुलिल्लाह, मैं मुसलमान हूं। यह मेरा स्वैच्छिक फैसला था। किसी ने मुझे मजबूर या प्रभावित नहीं किया।” उन्होंने जबरन धर्मांतरण और संपत्ति के लिए साजिश रचे जाने के आरोपों को भी खारिज किया है।
आयुष के अनुसार, उन्होंने करीब 12 वर्ष पहले इस्लाम अपनाया था और लगभग चार वर्ष पहले चांदनी कुरैशी से निकाह किया। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी बहनों की शादियों पर असर पड़ने की आशंका के कारण परिवार से यह बात छिपाकर रखी थी। उन्होंने यह भी कहा कि दबाव के बावजूद वह अपना धर्म बदलकर वापस नहीं जाएंगे।
