विश्व पर्यावरण दिवस पर जारी एक वीडियो में राहुल गांधी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह परियोजना भारत के सबसे संवेदनशील पारिस्थितिकी क्षेत्रों में से एक के जंगलों, प्रवाल भित्तियों, जैव विविधता और स्थानीय समुदायों को अपूरणीय नुकसान पहुंचा सकती है।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का दौरा कर स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि परियोजना के कारण करीब 161 वर्ग किलोमीटर वर्षावन खतरे में पड़ेगा और लगभग डेढ़ करोड़ पेड़ काटे जा सकते हैं। उन्होंने संरक्षित प्रवाल भित्तियों तथा शोम्पेन और निकोबारी आदिवासी समुदायों के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई।
