बांग्लादेश ने पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के प्रत्यर्पण के लिए भारत को औपचारिक अनुरोध भेजा है। कमाल अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी माने जाते हैं और उन्हें बांग्लादेश की अदालत से मौत की सजा सुनाई जा चुकी है।
बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने सोमवार को ढाका में पत्रकारों से कहा कि सरकार ने हाल ही में नई दिल्ली को इस संबंध में पत्र भेजा है।
उन्होंने बताया कि उन अन्य लोगों की वापसी के लिए भी अलग-अलग पत्र भेजे गए हैं, जो बांग्लादेश की अदालतों से कानूनी रूप से दोषी ठहराए जाने के बाद भारत भाग गए हैं।
इससे पहले ढाका स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने भी कहा था कि कमाल के प्रत्यर्पण की मांग को लेकर विदेश मंत्रालय के जरिए भारत को दोबारा पत्र भेजा गया है। इसी न्यायाधिकरण ने कमाल को मौत की सजा सुनाई थी।
पिछले साल नवंबर में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत और बांग्लादेश के बीच लागू प्रत्यर्पण संधि के तहत शेख हसीना और असदुज्जमां खान कमाल के प्रत्यर्पण की मांग करते हुए पत्र भेजा था।
शमा ओबैद ने कहा, “हम पहले भी बार-बार कह चुके हैं कि असदुज्जमां खान कमाल को देश वापस लाया जाएगा। उनकी वापसी भारत के साथ कूटनीतिक सिद्धांतों, प्रोटोकॉल और प्रत्यर्पण संधि के अनुसार की जाएगी। इसी तरह हसीना और अन्य आरोपियों के मामलों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को उम्मीद है कि भारत इस अनुरोध पर सकारात्मक जवाब देगा और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।
भारत ने पहले कहा था कि वह प्रत्यर्पण अनुरोधों की जांच करेगा और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।




















