ईरान पर जारी अमेरिकी-इजराइली जंग के बीच अब तक 1,043 भारतीय नागरिक ईरान से निकलकर आर्मेनिया और अज़रबैजान पहुंच चुके हैं, जिनमें 717 छात्र शामिल हैं।
हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण कई भारतीय जमीनी रास्ते से ईरान से निकल रहे हैं । 28 फरवरी से अब तक लगभग 4.26 लाख लोग मध्य पूर्व से भारत लौट चुके हैं। इस दौरान 2,000 से अधिक विशेष और नियमित उड़ानें संचालित की गईं।
हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और सऊदी अरब से सीमित उड़ानें ही संचालित हो रही हैं, कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र अब भी बंद है।
होरमुज़ की स्तिथि पर सरकार ने बताया कि भारतीय ध्वज वाले 20 व्यापारिक जहाज, जिनमें 540 भारतीय नाविक सवार हैं, वर्तमान में फारस की खाड़ी में खड़े हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए सुरक्षित अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जहाज मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि स्थिति सुधरने तक इन जहाजों को रोक कर रखा गया है।
हाल के दिनों में ऐसी खबरें आई हैं कि ईरान ने भारतीय ध्वज वाले एलपीजी वाहक जहाजों को जलडमरूमध्य पार करने की अनुमति दे दी है, जिसे तेहरान ने शत्रुता की शुरुआत से ही प्रभावी रूप से बंद कर रखा है। इस बंद के कारण कई देशों में तेल और गैस संकट की आशंकाएं बढ़ गई हैं।












