पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को कहा कि ईरानी पक्ष मध्य पूर्व संकट को कम करने के प्रयासों में ‘‘बहुत स्पष्ट’’ और गंभीर है। उन्होंने कहा कि ईरान के नेतृत्व ने मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति को ‘‘गरिमा’’ और जिम्मेदारी के साथ संभाला है।
स्विट्जरलैंड में जारी अमेरिका-ईरान तकनीकी वार्ताओं के बीच पत्रकारों से बातचीत करते हुए शरीफ ने कहा कि ईरान वास्तव में क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देना चाहता है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे सचमुच क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देना चाहते हैं।’’
शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी प्रशंसा की और उन्हें ‘‘अमन का आदमी’’ बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप भी ऐसा ही चाहते हैं। मुझे इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि वे शांति के व्यक्ति हैं। उन्होंने यह पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध के दौरान भी दिखाया, जब दोनों देश परमाणु टकराव के बेहद करीब पहुंच गए थे।’’
शरीफ इन दिनों स्विट्जरलैंड में हैं, जहां अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल बुधवार को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के बाद तकनीकी वार्ताएं कर रहे हैं।
यह समझौता मध्य पूर्व में महीनों से जारी संघर्ष को समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के उद्देश्य से किया गया था।
बर्गेनस्टॉक में हो रही वार्ताओं में अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वैंस कर रहे हैं। ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची बातचीत में शामिल हैं।
इन वार्ताओं में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
पाकिस्तान का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता क्षेत्रीय तनाव कम करने, समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाने और मध्य पूर्व में स्थिरता बहाल करने की दिशा में अहम कदम है।





















