नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित “ग्रैंड फार्मर्स असेंबली” में किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी गारंटी देने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों के नेतृत्व में हुआ, जिसमें देशभर से आए किसानों ने भाग लिया।
किसान नेताओं ने दावा किया कि पिछले 25 वर्षों में एमएसपी का पूरा लाभ न मिलने के कारण किसानों को लगभग ₹111 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है, जबकि इसी अवधि में किसानों पर कुल कर्ज़ का बोझ लगभग ₹18.5 लाख करोड़ रहा है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि इस किसानी को देखते हुए किसानों के कर्ज को पूरी तरह माफ किया जाना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एमएसपी को कानूनी मान्यता देना जरूरी है, क्योंकि वर्तमान सरकार द्वारा घोषित एमएसपी सीमा का पूरा लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है।
प्रदर्शन में किसानों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों, खासकर अमेरिका के साथ संभावित समझौते को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि बढ़ते आयात से घरेलू किसानों की आय पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
भारत और अमेरिका ने पिछले महीने औपचारिक व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की घोषणा की और एक अंतरिम ढांचा जारी किया, जिससे शुल्क कम होंगे और आर्थिक संबंध और गहरे होंगे।







