परियोजना 17A के तहत निर्मित नीलगिरी श्रेणी का चौथा युद्धपोत ‘तरागिरी’ को 3 अप्रैल को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, विशाखापत्तनम में होने वाले इस समारोह की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।
लगभग 6,670 टन वजनी यह फ्रिगेट भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल का प्रमुख उदाहरण माना जा रहा है।
उनके हथियार समूह में सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, एक 76 मिमी की मुख्य बंदूक और 30 मिमी और 12.7 मिमी की निकटवर्ती हथियार प्रणालियों का संयोजन शामिल है, साथ ही पनडुब्बी रोधी और पानी के नीचे युद्ध करने की क्षमता भी है।
इसका निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डिंग लिमिटेड ने किया है और इसे पिछले साल नवंबर में नौसेना ने अधिगृहीत कर लिया था।
नीलगिरी श्रेणी के शेष तीन जहाज - दुनागिरी, विंध्यगिरी और महेंद्रगिरी - एमडीएल और जीआरएसई में निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं और इस वर्ष नौसेना को सौंपे जाने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह युद्धपोत आधुनिक स्टेल्थ डिजाइन, बेहतर फायरपावर और उच्च स्तर की स्वचालन क्षमता से लैस है। उनका यह भी दावा है कि फ्रिगेट में 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) जुड़े हुए हैं।











