कांग्रेस ने सोमवार को चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया की आलोचना करते हुए इसे “भारतीयों को मताधिकार से वंचित करने का तरीका” बताया।
कांग्रेस की यह टिप्पणी दिल्ली में गणना फॉर्मों में कथित “विसंगतियों” को लेकर 33.13 लाख नोटिस जारी किए जाने के बीच आई है।
कांग्रेस महासचिव संचार जयराम रमेश ने SIR के तीन चरणों से जुड़े नाम हटाने के आंकड़ों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।
रमेश ने कहा कि राज्यों में बड़े पैमाने पर मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं। उनके अनुसार, इन deletions से सबसे अधिक प्रभावित वे मतदाता हुए हैं जो आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित तथा कमजोर वर्गों से आते हैं।
दिल्ली में जारी अधिकतर नोटिस इस आधार पर भेजे गए कि मतदाताओं द्वारा गणना फॉर्म में दी गई जानकारी 2002 में हुए पिछले SIR की मतदाता सूची से मेल नहीं खाती।
कांग्रेस का कहना है कि ऐसी प्रक्रिया मतदाता सूची की सफाई के नाम पर बड़ी संख्या में नागरिकों को मतदान अधिकार से वंचित कर सकती है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और कमजोर समुदायों पर इसके प्रभाव को लेकर गंभीर चिंताएं हैं।

























