पाकिस्तान में जारी मानसून सीजन के दौरान बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 110 हो गई है। देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDMA ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
NDMA ने राजधानी इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को दी गई ब्रीफिंग में बताया कि 26 जून से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में करीब 360 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा लगभग 800 मकानों को नुकसान पहुंचा है।
अधिकारियों के अनुसार, सबसे अधिक मौतें उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दर्ज की गईं। इसके बाद उत्तर-पूर्वी पंजाब प्रांत सबसे अधिक प्रभावित रहा।
NDMA ने चेतावनी दी है कि अगले एक महीने में देश के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी हिमनदी झील फटने से बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। उत्तरी इलाकों में ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने को इसके पीछे प्रमुख कारण बताया गया है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अधिकारियों को बारिश और बाढ़ के असर को कम करने के लिए “सभी उपलब्ध” संसाधनों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। उन्होंने शुरुआती चेतावनी प्रणालियों को सक्रिय रखने और प्रभावित इलाकों में राहत तैयारियां तेज करने को कहा।
पाकिस्तान में हर साल जून के अंत से सितंबर तक भारी मानसूनी बारिश होती है, जिससे कई इलाकों में बाढ़, भूस्खलन और संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान होता है।













