कांग्रेस ने सोमवार को विदेश नीति के मोर्चे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर हमला तेज कर दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है और पश्चिम एशिया के मुद्दे पर भारत की नैतिक आवाज कमजोर हुई है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अलग-अलग पोस्ट में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में गिरावट और गाजा में इजराइल की कार्रवाई पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए।
कांग्रेस ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग में गिरावट यह दिखाती है कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साख और नागरिकों की वैश्विक आवाजाही की क्षमता प्रभावित हुई है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की पासपोर्ट और विदेश नीति से जुड़े फैसलों ने भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करने के बजाय कमजोर किया है।
कांग्रेस ने गाजा के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। पार्टी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी पर इजराइल की कार्रवाई पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया और कहा कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से फिलिस्तीन के अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय न्याय की बात की है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार पश्चिम एशिया में जारी मानवीय संकट पर भारत की पारंपरिक नैतिक और कूटनीतिक स्थिति से पीछे हटती दिख रही है।
पार्टी ने कहा कि गाजा में नागरिकों, बच्चों और महिलाओं की मौतों के बीच भारत सरकार की चुप्पी चिंताजनक है और यह भारत की उस भूमिका से मेल नहीं खाती, जिसमें वह वैश्विक दक्षिण और न्यायपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की आवाज बनने का दावा करती है।
विपक्ष का कहना है कि पासपोर्ट की ताकत केवल यात्रा सुविधा का मामला नहीं है, बल्कि यह देश की कूटनीतिक पहुंच, वैश्विक भरोसे और नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों से भी जुड़ी होती है।




















