बांग्लादेश और चीन ने गुरुवार को सहयोग, व्यापार और निवेश से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में 13 समझौता ज्ञापनों यानी MoU पर हस्ताक्षर किए। यह समझौते बीजिंग में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात के बाद हुए।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और चीन के प्रधानमंत्री ली छ्यांग के बीच बीजिंग के ग्रेट हॉल में द्विपक्षीय बैठक हुई। इसके बाद जारी बयान में कहा गया कि ये समझौते दोनों देशों के ‘‘रणनीतिक और आर्थिक सहयोग’’ को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।
बैठक में बांग्लादेश-चीन द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, निवेश और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
तारिक रहमान तीन दिवसीय यात्रा पर चीन पहुंचे हैं। फरवरी में सत्ता में आने के बाद यह उनकी पहली चीन यात्रा है। यात्रा के आखिरी दिन शुक्रवार को उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी।
चीन बांग्लादेश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 24 अरब डॉलर से अधिक है, जबकि बांग्लादेश हर साल चीन को करीब 1 से 1.16 अरब डॉलर का निर्यात करता है।
इससे पहले गुरुवार को बांग्लादेश और चीन ने सीमा-पार तीस्ता नदी प्रबंधन परियोजना पर तकनीकी सहयोग को लेकर भी सहमति जताई।
बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने बीजिंग के दियाओयुताई स्टेट गेस्ट हाउस में चीन के जल संसाधन मंत्री ली गुओयिंग से मुलाकात की और तीस्ता नदी प्रबंधन परियोजना के लिए चीन से समर्थन मांगा।



















