दुनिया
3 मिनट पढ़ने के लिए
अरुणाचल प्रदेश में 11,200 मेगावाट के बांध के विरोध में हिंसक प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने NHPC के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
अरुणाचल प्रदेश में 11,200 मेगावाट के बांध के विरोध में हिंसक प्रदर्शन
FILE: सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना / AFP

अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग अपर मल्टीपर्पज परियोजना के विरोध में प्रदर्शन हिंसक हो गया। शुक्रवार देर रात प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें लगभग 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस थाने, सरकारी संपत्तियों और सरकारी जलविद्युत कंपनी एनएचपीसी के कार्यालय में तोड़फोड़ करने तथा इमारतों में आग लगाने का आरोप है।

राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि प्रदर्शन के दौरान कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।

उन्होंने कहा, “भीड़ ने बड़ी संख्या में संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस स्टेशन और एनएचपीसी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई तथा कई निर्वाचित प्रतिनिधियों के घरों में भी उत्पात मचाया गया।”

अधिकारियों के अनुसार, बांध परियोजना का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे लगभग 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

प्रदर्शनकारियों ने एनएचपीसी के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

मुख्यमंत्री खांडू ने प्रदर्शनकारियों से हिंसा छोड़कर सरकार के साथ बातचीत करने की अपील की।

उन्होंने कहा, “हमसे सवाल पूछिए, हमारे साथ बातचीत कीजिए, हिंसा का रास्ता मत अपनाइए।”

चीन के विशाल बांध का मुकाबला करने के लिए प्रस्तावित है परियोजना

भारत सरकार के अनुसार, सियांग अपर मल्टीपर्पज परियोजना का उद्देश्य चीन द्वारा तिब्बत में बनाए जा रहे विशाल याक्सिया जलविद्युत परियोजना के संभावित प्रभावों का मुकाबला करना है।

चीन की इस परियोजना की अनुमानित लागत 167 अरब डॉलर है और इसे दुनिया की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।

भारत को आशंका है कि चीन की परियोजना के कारण निचले इलाकों में नदी के जल प्रवाह पर असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली का कहना है कि प्रस्तावित भारतीय बांध से एक विशाल जलाशय तैयार होगा, जो पानी का भंडारण करके ब्रह्मपुत्र नदी में जल प्रवाह बनाए रखने में मदद करेगा।

हालांकि, चीन का दावा है कि उसकी परियोजना से नदी के निचले क्षेत्रों में कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

सियांग अपर मल्टीपर्पज परियोजना भारत की अब तक की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना होगी।

लेकिन अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय समुदाय इसका विरोध कर रहे हैं।

प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को आशंका है कि बांध और विशाल जलाशय के निर्माण से उनकी जमीन और घर डूब सकते हैं तथा उन्हें विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है।

परियोजना के संभावित सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ रहा है।

एक ओर केंद्र सरकार इसे जल सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों से जोड़ रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय समुदाय अपने घरों, जमीन और आजीविका को लेकर चिंता जता रहे हैं।

स्रोत:AFP
खोजें
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, मार्को रुबियो बोले- जल्द हो सकता है करार
मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में तीन संदिग्ध हिरासत में
SIR विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने पर अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस
संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप में सेना के अधिकारी की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज
सऊदी अरब पर हूती हमलों की पाकिस्तान और मिस्र ने की निंदा
कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत
अमेरिका में हिंदू मंदिर पर गोलीबारी में 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार
मध्य पुव पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शांति की अपील
तेलंगाना में अल नीनो से संकट, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने किसानों से एक फसल चक्र टालने की अपील की
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण तय, कानूनी मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया जारी: पीयूष गोयल
अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश पर भारत ने जताई गहरी चिंता
2027 तक जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत: IMF
प्रदर्शनकारी छात्रों के रास्ते में न आएं मोदी और शाह, वे भारत की आवाज हैं: राहुल गांधी
विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले सप्ताह भारत आएंगे, दिल्ली के बजाय मुंबई और जामनगर का करेंगे दौरा
पाकिस्तान और रूस के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा