उत्तराखंड में 2026 की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR प्रक्रिया को लेकर सबर इंस्टीट्यूट की एक प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, जिन जिलों में मुस्लिम आबादी का हिस्सा अधिक है, वहां मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की तीव्रता भी अधिक दर्ज की गई।
सबर इंस्टीट्यूट के जिला-स्तरीय विश्लेषण में उत्तराखंड के 13 जिलों में मुस्लिम आबादी के अनुपात और वोटर नाम हटने की तीव्रता के बीच पेयरसन कॉरलैशन 0.54 और स्पेयरमान कॉरलैशन 0.84 पाया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि यह संबंध आगे की जांच और प्रशासनिक समीक्षा की जरूरत की ओर संकेत करता है। देशभर में SIR प्रक्रिया के तहत अलग-अलग चरणों और राज्यों में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समाज समूहों ने चिंता जताई है।




















