कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शनिवार को पुलिस द्वारा चलाए गए कथित “सत्यापन” अभियान को लेकर पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज यानी PUCL, ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस यानी AILAJ, डोमेस्टिक वर्कर्स राइट्स यूनियन यानी DWRU और ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस यानी AICCTU ने 8 अगस्त को कर्नाटक के गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक और बेंगलुरु पुलिस आयुक्त को शिकायत भेजी।
शिकायत में अभियान के दौरान मजदूरों की “अवैध हिरासत, मारपीट और अमानवीय व्यवहार” का आरोप लगाया गया है। संगठनों के अनुसार, शनिवार सुबह से पुलिस टीमों ने बेंगलुरु के कई इलाकों की झुग्गी बस्तियों में प्रवेश किया और महिलाओं तथा बच्चों सहित कई सौ लोगों को हिरासत में लिया। शिकायत में कहा गया कि हिरासत में लिए गए लोग मुख्य रूप से गरीब, दिहाड़ी और प्रवासी मजदूर थे।
वर्थुर पुलिस स्टेशन में 41 लोगों को हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया गया, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। संगठनों ने कहा कि उन्होंने कम से कम छह लोगों से बात की, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लाठियों से पीटा गया और जबरन वाहनों में बैठाया गया।




















