राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख के विदेश में दिए गए “एकता और भाईचारे” से जुड़े भाषण पर कर्नाटक के मंत्री रिज़वान अरशद ने एक बयान में कहा कि अगर मोहन भागवत सचमुच मुसलमानों को भाई-बहन मानते हैं, तो वे भाजपा नेताओं की उन टिप्पणियों को सार्वजनिक रूप से चुनौती क्यों नहीं देते, जिन पर सांप्रदायिक और ध्रुवीकरण करने वाले बयान देने के आरोप लगते रहे हैं। रिज़वान अरशद ने कहा कि एकता पर दिए गए बयान स्वागत योग्य हैं, लेकिन केवल भाषणों से सामाजिक सद्भाव नहीं बनता।


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मोहन भागवत के बयान पर कर्नाटक मंत्री ने सवाल उठाए
रिज़वान अरशद ने कहा कि एकता पर दिए गए बयान स्वागत योग्य हैं, लेकिन केवल भाषणों से सामाजिक सद्भाव नहीं बनता।
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