हिन्दुत्व कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज ने एक इंटरव्यू में मुसलमानों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हुए हिंसा और राजनीतिक संरक्षण से जुड़े कई गंभीर दावे किए। बयान में भारद्वाज ने “मुल्ला-मुक्त भारत” और एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने जैसी बात कही। उन्होंने यह भी दावा किया कि निशु नामक व्यक्ति के पिता का सिर फोड़ दिया गया था, जिसके बाद सात टांके लगाने पड़े। भारद्वाज ने कहा कि मामले में धारा 307 लागू हुई थी और स्थिति हत्या तक पहुंच सकती थी। इसके बावजूद जेल न जाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें कपिल मिश्रा और चिराग पासवान की ओर से फोन आए थे।


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अपमानजनक टिप्पणी के बीच हिन्दुत्व कार्यकर्ता ने राजनीतिक संरक्षण के दावे किए
इसके बावजूद जेल न जाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें कपिल मिश्रा और चिराग पासवान की ओर से फोन आए थे।
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