प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस न किए जाने को लेकर एक सवाल के जवाब में MEA प्रवक्ता ने कहा कि भारत के लोग ज्यादातर ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और वे प्रेस कॉन्फ्रेंस या मीडिया जैसे मध्यस्थों को पसंद नहीं करते। कथित तौर पर उन्होंने कहा कि लोग “मन की बात” जैसी सीधी बातचीत को ज्यादा पसंद करते हैं और मोदी ने इस शैली में महारत हासिल कर ली है।
इस कथित बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। आलोचकों ने इसे मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस की भूमिका को कमतर बताने वाला बयान कहा, जबकि समर्थकों ने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री सीधे जनता से संवाद करने के अलग मॉडल को प्राथमिकता देते हैं।
