RSS प्रमुख मोहन भागवत की न्यूयॉर्क यात्रा के खिलाफ आयोजित एक विरोध सभा में इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउन्सल की सफा अहमद ने भारत में मुसलमानों की ऐतिहासिक मौजूदगी और सांस्कृतिक योगदान को रेखांकित किया। सफा अहमद ने कहा कि इस्लाम भारत में करीब 1,400 वर्षों से मौजूद है और मुसलमान भारतीय आबादी का केवल 14 प्रतिशत होने के बावजूद देश की भाषा, भोजन, पहनावे, संगीत और स्थापत्य विरासत में गहरा प्रभाव रखते हैं।
उन्होंने कहा, “हम जो भाषा बोलते हैं, जो खाना खाते हैं, जो कपड़े पहनते हैं, जो संगीत बजाते हैं और जो स्मारक भारतीय आसमान को सजाते हैं, उनमें हमारी मौजूदगी है।” अहमद ने RSS और हिंदुत्व राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि भारत को “हिंदू राष्ट्र” बताने के प्रयास, मस्जिदों के सामने प्रदर्शन, बुलडोजर कार्रवाई, धार्मिक ध्रुवीकरण और हिंसा भारत में मुस्लिम विरासत और मौजूदगी के ऐतिहासिक तथ्य को मिटा नहीं सकते।