भारत ने बुधवार को हिमालयी सीमा पर चीनी घुसपैठ से जुड़ी रिपोर्टों का इनकार किया। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर कथित तनाव को लेकर चिंता जताई थी।
केंद्रीय मंत्री और अरुणाचल प्रदेश से भाजपा सांसद किरेन रिजिजू ने उन दावों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि चीनी सैनिक पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में भारतीय क्षेत्र के भीतर काफी अंदर तक आ गए थे।
रिजिजू ने X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “अगर कोई कहता है कि चीन 60 किलोमीटर अंदर आ गया है, तो यह सही नहीं है और ऐसा नहीं कहा जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि वे आए और हमारे गांव पर कब्जा कर लिया।”
कांग्रेस ने स्थानीय मीडिया की उन रिपोर्टों पर चिंता जताई थी जिनमें कहा गया था कि जुलाई के अंत में ताकसिंग क्षेत्र के पास भारतीय और चीनी सेना की गश्ती टुकड़ियां आमने-सामने आ गई थीं। पार्टी ने इस पर “गहरी चिंता” व्यक्त की थी।
चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता है, जबकि भारत का स्पष्ट रुख है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है।
भारत और चीन के बीच करीब 3,500 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसका कई हिस्सों में औपचारिक सीमांकन नहीं हुआ है। इसी कारण दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर अलग-अलग धारणाएं समय-समय पर तनाव का कारण बनती रही हैं।
रिजिजू ने कहा कि भारत-चीन सीमा लंबी है और इसका सीमांकन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह कोई नया मुद्दा नहीं है और सीमा को लेकर अलग-अलग धारणा से अक्सर भ्रम पैदा होता है।
उन्होंने माना कि चीन ने सीमा क्षेत्रों में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है, लेकिन साथ ही कहा कि भारत भी सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे और गश्ती क्षमता को मजबूत कर रहा है।
पिछले सप्ताह विदेश मंत्रालय ने कहा था कि चीन के साथ बातचीत में सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना “अत्यंत महत्वपूर्ण” है। वहीं बीजिंग ने भी सीमा की स्थिति को फिलहाल “सामान्य रूप से स्थिर” बताया है।




















