RSS से जुड़े आर्थिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने केंद्र सरकार से कहा है कि भारत को अपनी ऊर्जा नीति पर मजबूती से कायम रहना चाहिए और रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर अमेरिका द्वारा टैरिफ को दबाव के औजार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिशों को खारिज करना चाहिए।
स्वदेशी जागरण मंच ने बुधवार को केंद्र सरकार से अपील की कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता समानता, पारस्परिकता और आपसी सम्मान के आधार पर होनी चाहिए।
संगठन की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी सीनेट में पेश उस हालिया विधेयक के संदर्भ में आई है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है, जो रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीदते हैं।
SJM ने प्रस्तावित टैरिफ उपायों को भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता से जोड़ते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकता है और इस पर बाहरी दबाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
संगठन का कहना है कि भारत को अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र निर्णय लेने चाहिए। स्वदेशी जागरण मंच ने कहा कि किसी भी व्यापारिक बातचीत में भारत की संप्रभु नीति-निर्माण क्षमता और ऊर्जा जरूरतों का सम्मान होना चाहिए।
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने रूस पर प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव की नीति अपनाई है। ऐसे में रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने का प्रस्ताव भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों के लिए संवेदनशील मुद्दा बन सकता है।


















