भारत के माल निर्यात में मार्च महीने में साल-दर-साल आधार पर 7% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट ईरान युद्ध से बढ़ते तनाव और अमेरिका के ऊंचे टैरिफ के प्रभाव के चलते आई है, जिससे निर्यातकों के सामने चुनौतियां बढ़ती दिख रही हैं।
भारत के वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में निर्यात घटकर 38.9 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 42.1 अरब डॉलर था।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जो भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है, वहां निर्यात लगभग 62% गिर गया। अमेरिका, जो भारत का सबसे बड़ा बाजार है, वहां निर्यात 21% घटा।
ताजा आंकड़ों ने वित्त वर्ष 2025-26 में व्यापार में सुधार की उम्मीदों को झटका दिया है, जो पहले से ही अमेरिकी टैरिफ के दबाव में था।
मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में भारत का कुल माल निर्यात 1% से भी कम बढ़कर 441.78 अरब डॉलर रहा, जो निर्यात क्षेत्र में कमजोर गति को दर्शाता है।
भारत ने 2022 में 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं को मिलाकर कुल निर्यात 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था।











