चीन ने मंगलवार को कहा कि विवादित क्षेत्र, जिसे वह “जांगनान” कहता है, में स्थानों के नामकरण का उसे अधिकार है। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने हाल ही में चीन द्वारा जारी किए गए नए नामों को खारिज कर दिया है।
चीनी सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “जांगनान चीन का क्षेत्र है और भारत द्वारा अवैध रूप से स्थापित तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को चीन कभी मान्यता नहीं देता।”
दरअसल, भारत और चीन दोनों ही पूर्वी हिमालय में स्थित अरुणाचल प्रदेश पर दावा करते हैं। चीन इस क्षेत्र को “जांगनान” के नाम से संबोधित करता है।
चीन ने पिछले शुक्रवार को इस क्षेत्र में स्थानों के नामों की छठी सूची जारी की थी, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया।
बीजिंग में नियमित प्रेस वार्ता के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने दोनों देशों के संबंधों को “सामान्य रूप से स्थिर” बताया। उन्होंने कहा, “चीन की नीति भारत-चीन संबंधों को सुधारने और विकसित करने के प्रति प्रतिबद्ध है, इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।”
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि दोनों देश “एक-दूसरे के साथ कदम मिलाकर चलेंगे और द्विपक्षीय संबंधों के लिए सकारात्मक कदम उठाएंगे।”
वहीं, भारत ने रविवार को चीन से ऐसे कदमों से बचने की अपील की जो “द्विपक्षीय संबंधों में नकारात्मकता पैदा करते हैं और बेहतर समझ बनाने के प्रयासों को कमजोर करते हैं।”
024 में भारत और चीन के रिश्तों में कुछ सुधार देखने को मिला है, जिसके बाद दोनों देश संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि, मई 2020 में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर करीब 3,500 किलोमीटर लंबी सीमा पर हुई झड़पों के बाद दोनों देशों के संबंधों में गंभीर गिरावट आई थी।











