प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में “स्थायी शांति और स्थिरता” सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासों की जरूरत दोहराई।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने मोदी को पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम और आगे की राह के बारे में जानकारी दी।
भारत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में बनी समझ का स्वागत किया और भारत की पुरानी स्थिति दोहराई कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।
बयान के मुताबिक, मोदी ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए निरंतर प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता की सुरक्षा को भी अहम बताया।
ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान और भारत के संबंध लंबे ऐतिहासिक रिश्तों और आपसी सम्मान पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा क्षमताओं का उपयोग करते हुए और अधिक समन्वय के जरिए द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने के नए रास्ते तय करने और उन्हें लागू करने की जरूरत है।
पेजेश्कियान ने यह भी कहा कि जिम्मेदार देशों के सहयोग से कुछ पक्षों की “विघटनकारी कोशिशें” नाकाम होंगी।
यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब मध्य पूर्व में तनाव कम करने और अमेरिका-ईरान संबंधों को वार्ता के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं।
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ एक समझौता ज्ञापन 18 जून से लागू हुआ था। इसे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षरित किया था।



















