राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित ब्रिटेन दौरे से पहले 20 से अधिक भारतीय प्रवासी संगठनों ने ब्रिटेन के धार्मिक स्वतंत्रता पैनल और सांसदों से उनके कार्यक्रमों का बहिष्कार करने की मांग की है। संगठनों ने ब्रिटेन के फ्रीडम ऑफ रिलिजन ऑर बिलीफ यानी FoRB पैनल और FoRB पर ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप से अपील की है कि वे भागवत के कार्यक्रमों से दूरी बनाएं और ब्रिटेन के बहुसांस्कृतिक सामाजिक ढांचे की रक्षा सुनिश्चित करें। ब्रिटेन के विदेश कार्यालय के FoRB विशेष दूत डेविड स्मिथ सांसद और FoRB APPG के अध्यक्ष जिम शैनन सांसद से भी आरएसएस की कथित भूमिका की सार्वजनिक निंदा करने और उसके सदस्यों तथा सहयोगी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।
भागवत 2 से 7 सितंबर के बीच ब्रिटेन दौरे पर रह सकते हैं, हालांकि उनके कार्यक्रमों की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की गई है। इससे पहले उन्होंने अमेरिका का दौरा किया था और न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में संबोधित किया था। इसके बाद वे कनाडा भी गए, जहां विभिन्न भारतीय प्रवासी समुदायों की ओर से विरोध देखने को मिला।






















