भारत और चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC को लेकर एक-दूसरे की धारणा को बेहतर ढंग से समझने के तरीकों पर चर्चा की है। यह बातचीत सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधियों की 25वीं दौर की वार्ता के दौरान बीजिंग में मंगलवार, 25 अगस्त को हुई।
बुधवार को जारी आठ-बिंदु आउट्कम डाक्यमेन्ट के अनुसार, दोनों पक्षों ने “बेहतर सीमा प्रबंधन” के लिए उपयुक्त क्षेत्रों में LAC की समझ को सुधारने के तरीकों पर चर्चा की।
भारतीय और चीनी अधिकारियों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में LAC को लेकर अलग-अलग धारणाएं पश्चिमी और पूर्वी सेक्टर में तनाव का एक बड़ा कारण रही हैं।
बैठक में भारत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन की ओर से विदेश मामलों के मंत्री वांग यी ने हिस्सा लिया।
वार्ता में दोनों देशों ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। LAC को लेकर बेहतर समझ विकसित करने को भविष्य में टकराव और गलतफहमियों को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
भारत और चीन के बीच 2020 के बाद से सीमा पर तनाव बना रहा है। ऐसे में LAC की अलग-अलग धारणाओं को स्पष्ट करने पर बातचीत दोनों देशों के संबंधों में स्थिरता लाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किन क्षेत्रों में LAC की धारणा को स्पष्ट करने पर प्राथमिकता दी जाएगी और इस प्रक्रिया के लिए कोई समयसीमा तय की गई है या नहीं।






















