वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने मंगलवार को कहा कि आज के युद्धक्षेत्र और हवाई युद्धक्षेत्र केवल हथियारों और प्लेटफॉर्म से तय नहीं होते, बल्कि “सूचना की श्रेष्ठता”, नेटवर्क-केंद्रित संचालन और पलभर में निर्णय लेने की क्षमता से परिभाषित होते हैं।
नई दिल्ली में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हथियारों और सैन्य प्लेटफॉर्म का महत्व कभी खत्म नहीं होगा, लेकिन आधुनिक युद्ध में सफलता के लिए तेजी से सूचना जुटाना, उसका विश्लेषण करना और तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।
एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने कहा कि मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस में सफलता तभी मिल सकती है जब सेनाएं अपने OODA लूप ‘निरीक्षण करें, स्थिति समझें, निर्णय लें और कार्रवाई करें’ को छोटा और तेज कर सकें।
OODA लूप का अर्थ है स्थिति को देखना, उसका आकलन करना, निर्णय लेना और कार्रवाई करना। आधुनिक युद्ध में जो पक्ष इस चक्र को तेजी से पूरा करता है, उसे निर्णायक बढ़त मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि आज के युद्ध में जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्धक्षेत्र आपस में जुड़े हुए हैं। ऐसे में अलग-अलग सैन्य इकाइयों के बीच रियल-टाइम सूचना साझेदारी और नेटवर्क आधारित संचालन की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।



















