ओमान तट के पास एक टैंकर पर हुए ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय नागरिक लापता हैं, जबकि नौ भारतीय नाविकों को बचा लिया गया है।
भारत के शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी।
सोनोवाल ने कहा कि 11 अक्टूबर को एमटी पेट्रो डॉल्फिन नामक टैंकर सोहार एंकरिज के पास ड्रोन हमले का शिकार हुआ।
उन्होंने बताया कि टैंकर पर 11 भारतीय नाविक सवार थे।
सोनोवाल के अनुसार, नौ भारतीय चालक दल के सदस्यों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है और वे सुरक्षित हैं। हालांकि दो भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय कोस्ट गार्ड की ओर से खोज और बचाव अभियान जारी है।
सोनोवाल ने कहा कि भारत सभी संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है, ताकि जारी बचाव प्रयासों को पूरा समर्थन दिया जा सके और लापता कर्मियों को सुरक्षित खोजने के लिए हर संभव कदम उठाया जाए।
क्षेत्र में तनाव फरवरी से बढ़ा हुआ है, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे। इसके जवाब में तेहरान ने इजरायली ठिकानों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया था।
युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के अहम मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने को कई शर्तों से जोड़ा है। इनमें हमलों की समाप्ति, प्रतिबंधों में राहत, जमी हुई संपत्तियों की रिहाई और वॉशिंगटन की प्रतिबद्धताओं को लागू करना शामिल है।
फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 16 भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है।




















