भारत इस समय बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास तरंग शक्ति 2026 आयोजित कर रहा है। इस अभ्यास में अमेरिका और फ्रांस सहित सात विदेशी देश हिस्सा ले रहे हैं।
भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एक्सरसाइज तरंग शक्ति 2026 12 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
इस बार अभ्यास की थीम “पावर इन पार्टनरशिप” रखी गई है, जो साझेदार वायु सेनाओं के बीच मिलकर काम करने, विशेषज्ञता साझा करने और इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने पर जोर देती है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश इस अभ्यास में शामिल हैं।
अभ्यास का ऑपरेशनल फेज़ पश्चिमी भारत के जोधपुर स्थित एयर फोर्स स्टेशन में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्घाटन पिछले सप्ताह हुआ था।
विदेशी विमानों में एफ-35 लाइटनिंग टू, राफेल, एफ-16, ए400एम, एमआरटीटी, सी-130, सी-130जे और केसी-30ए शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, इन विमानों की भागीदारी कॉम्बैट, एयरलिफ्ट और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग कैपेबिलिटीज़ का विविध मिश्रण सामने लाती है।
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस बार तरंग शक्ति का दायरा फ्लाइंग ऑपरेशंस से आगे बढ़कर प्रोफेशनल, कल्चरल और आउटरीच एक्टिविटीज़ तक फैला है।
मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास भाग लेने वाली वायु सेनाओं को एडवांस्ड जॉइंट ट्रेनिंग, ऑपरेशनल एक्सपर्टीज़ के आदान-प्रदान और प्रोफेशनल एक्सपीरियंस को मजबूत करने का अवसर देता है।
विदेशी कॉन्टिन्जेंट भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर फ्रंटलाइन कॉम्बैट प्लेटफॉर्म्स और सपोर्ट एलिमेंट्स के साथ विभिन्न मिशन्स में हिस्सा लेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता के समर्थन में भारत की कंस्ट्रक्टिव डिफेंस एंगेजमेंट और एन्हांस्ड मिलिट्री कोऑपरेशन की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
मंत्रालय ने कहा कि साझा ऑपरेशनल एक्सपीरियंस के जरिए यह अभ्यास साझेदारियों को मजबूत करने और व्यापक स्ट्रैटेजिक कोऑपरेशन को बढ़ावा देने में मदद करेगा।





















