मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने देश में मस्जिदों के ध्वस्तीकरण और अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरों पर चिंता जताई है।
सोमवार को श्रीनगर में पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव से इतर बोलते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि देश में मुसलमानों को “बाहरी” और “दूसरा” समझे जाने का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। जिस तरह मुसलमानों को बाहरी या दूसरा समझा जाता है, चाहे वह मस्जिदों का ध्वस्तीकरण हो या जिस तरह उन पर हमले किए गए, दोनों बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और ऐसा नहीं होना चाहिए।”
अब्दुल्ला की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब हाल के दिनों में कई जगहों पर धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई और अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ कथित हमलों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है।
उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को उसके धर्म या पहचान के आधार पर अलग-थलग महसूस कराना लोकतांत्रिक समाज के लिए चिंताजनक है।




















