अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित गबन को लेकर कांग्रेस ने BJP और केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने इस प्रकरण को “महापाप” बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा का श्रेय लिया था, इसलिए अब उन्हें उस ट्रस्ट की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए, जिसकी निगरानी में मंदिर और दान व्यवस्था संचालित हुई।
सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने श्रद्धा से दान दिया, उन्हें यह जानने का अधिकार है कि उनके पैसे और चढ़ावे का क्या हुआ।
कांग्रेस ने मांग की कि इस मामले में गठित SIT की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि लोगों को पूरे सच की जानकारी मिल सके।
पार्टी ने यह भी मांग की कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग किया जाए और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
कांग्रेस ने कहा कि ट्रस्ट के गठन से लेकर अब तक प्राप्त सभी दान और चढ़ावे का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाना चाहिए। पार्टी के अनुसार, जांच केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए।
कांग्रेस का आरोप है कि अगर मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा को राजनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश किया गया था, तो दान राशि में कथित गड़बड़ी पर जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता।
पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री की चुप्पी इस मामले को और गंभीर बनाती है। कांग्रेस के अनुसार, आस्था से जुड़े इतने बड़े मुद्दे पर सरकार को पारदर्शी रुख अपनाना चाहिए।


















