भारत के दिल्ली में म्युनिसिपल अधिकारियों ने 22 सितंबर को शालीमार बाग़ में मदीना मस्जिद को गिराने के लिए रात के अंधेरे में बुलडोज़र तैनात किए। फुटेज से पता चलता है कि मस्जिद के अंदर लोगों के मौजूद होने के बावजूद तोड़-फोड़ शुरू कर दी गई, जिससे स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि तोड़-फोड़ शुरू करने से पहले कोई पूर्व सूचना या अदालती आदेश नहीं दिखाया गया।
यह घटना भारत में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत मुसलमानों के साथ बढ़ते भेदभाव और मुसलमानों के घरों, व्यवसायों और पूजा स्थलों को निशाना बनाकर की जा रही तोड़-फोड़ की व्यापक प्रवृत्ति के बीच हुई है।
