राजधानी नई दिल्ली में बढ़ती महंगाई और रसोई गैस की सीमित उपलब्धता के वजह से कई प्रवासी मजदूरों अपने गृह राज्यों की ओर लौटते नजर आए। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण एलपीजी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे दैनिक जीवन का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर उन मजदूरों पर पड़ा है, जो दिहाड़ी पर निर्भर हैं और पहले से ही सीमित आय में गुजारा कर रहे हैं।
भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है, दशकों के सबसे बड़े गैस संकट का सामना कर रहा है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उद्योगों को गैस आपूर्ति में कटौती की है।
