भारतीय नौसेना के प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने कहा है कि हिंद महासागर पहले से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी, निगरानी में और रणनीतिक रूप से अहम हो गया है।
सोमवार को “रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता MSMEs के लिए अवसर” विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिंद महासागर हमेशा से भारत का महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र रहा है, लेकिन अब इसकी अहमियत और बढ़ गई है।
वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा, “आज जब इंडो-पैसिफिक 21वीं सदी की भू-राजनीति का निर्णायक क्षेत्र बन रहा है, तब हिंद महासागर हाल के समय की तुलना में कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी, अधिक निगरानी वाला और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।”
उन्होंने भारतीय नौसेना की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि नौसेना सिर्फ शांतिकाल की औपचारिक शक्ति नहीं है, बल्कि एक सक्रिय और परिचालन बल है, जो विशाल और जटिल समुद्री क्षेत्र में लगातार तैनात रहता है।
स्वामीनाथन ने कहा कि भारतीय नौसेना समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने रक्षा पोतों के निर्माण, जहाजों की मरम्मत और रीफिटिंग के क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी MSMEs के लिए बड़े अवसरों की ओर भी ध्यान दिलाया।
सम्मेलन में सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव वाइस एडमिरल अतुल आनंद ने कहा कि रक्षा अनुसंधान और विकास में अब सिर्फ IIT जैसे प्रमुख संस्थान ही नहीं, बल्कि स्थानीय विश्वविद्यालय भी सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं।

















