पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने बुधवार को कहा कि मध्य पूर्व में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास “लगातार” जारी हैं, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता गतिरोध का सामना कर रही है।
कैबिनेट बैठक को संबोधित करते हुए शरीफ़ ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत 21 घंटे तक चली, जिसमें पाकिस्तान ने पर्दे के पीछे अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा, “शांति के लिए हमारी कोशिशें लगातार जारी हैं और आगे भी जारी रहेंगी।”
प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्री इशाक डार, सेना प्रमुख आसिम मुनीर और आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने दोनों पक्षों से मुलाकात कर वार्ता को सुगम बनाने में भूमिका निभाई।
शरीफ़ ने बताया कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ दो घंटे की विस्तृत बैठक भी की। अराघची शुक्रवार को इस्लामाबाद आए थे और फिर मस्कट से लौटकर रविवार को संक्षिप्त दौरे पर फिर पहुंचे, जिसके बाद वे मॉस्को रवाना हो गए।
प्रधानमंत्री के अनुसार, अराघची ने उन्हें आश्वासन दिया कि ईरानी नेतृत्व से चर्चा के बाद वह पाकिस्तान को जवाब देंगे।
शरीफ़ ने संकट के व्यापक प्रभावों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा, “हम एक चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात को 3.5 अरब डॉलर का कर्ज चुका दिया है। साथ ही उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमानका आभार जताया, जिनकी मदद से यह संभव हो सका। सऊदी अरब ने हाल ही में 3 अरब डॉलर का नया कर्ज मंजूर किया है और 5 अरब डॉलर की मौजूदा जमा राशि को भी बढ़ा दिया है।













