श्रीलंका ने सोमवार को 19 भारतीय मछुआरों को रिहा कर उन्हें स्वदेश वापस भेज दिया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कुछ दिन पहले ही श्रीलंकाई नौसेना ने कथित अवैध मछली पकड़ने के आरोप में 16 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया था।
कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि रिहा किए गए सभी 19 मछुआरे शाम तक भारत लौट आएंगे।
श्रीलंका नौसेना के अनुसार, इस वर्ष अब तक 128 भारतीय मछुआरों को उसके समुद्री क्षेत्र में कथित घुसपैठ और अवैध मछली पकड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।
13 अप्रैल को नौसेना ने मन्नार के उत्तर में समुद्री क्षेत्र से एक भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव को जब्त कर चार मछुआरों को हिरासत में लिया था। इससे दो दिन पहले जाफना के करेनागर क्षेत्र के कोविलम तट के पास 12 भारतीय मछुआरों को इसी तरह के आरोपों में पकड़ा गया था। गिरफ्तार मछुआरों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया।
भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों का मुद्दा लंबे समय से विवाद का कारण बना हुआ है। पाल्क जलडमरूमध्य, जो तमिलनाडु और श्रीलंका को अलग करता है, दोनों देशों के मछुआरों के लिए समृद्ध मछली पकड़ने का क्षेत्र है। इसी कारण अक्सर अनजाने में समुद्री सीमा पार करने की घटनाएं होती रहती हैं।
कई मामलों में श्रीलंकाई नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों पर गोलीबारी और उनकी नावें जब्त करने के आरोप भी सामने आए हैं। वहीं, श्रीलंका भी भारतीय पक्ष पर इसी तरह के उल्लंघनों का आरोप लगाता रहा है।

















