भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के विस्तार और उसमें ग्लोबल साउथ के देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
विदेश मंत्रालय में पश्चिम मामलों के सचिव सीबी जॉर्ज ने अंतर-सरकारी वार्ता (IGN) की बैठक में भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार के तहत “विशेष रूप से स्थायी श्रेणी में ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व बढ़ाना आवश्यक है।”
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक ढांचा अधिक न्यायसंगत और समावेशी होना चाहिए, ताकि विकासशील देशों की आवाज़ को उचित स्थान मिल सके।
भारत ने एक निष्पक्ष और समावेशी वैश्विक वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिससे आर्थिक असमानताओं को कम किया जा सके और विकासशील देशों के हितों की बेहतर रक्षा हो सके।
भारत लंबे समय से UNSC में स्थायी सदस्यता के विस्तार की मांग करता रहा है और ग्लोबल साउथ के देशों के लिए अधिक प्रतिनिधित्व की वकालत करता आया है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में सुधार और वैश्विक शासन को अधिक प्रतिनिधिक बनाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।












