प्रशासन द्वारा कश्मीर में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे 600 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान का दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 150 लोगों को सोमवार को डिपोर्टेशन प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल भेजा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से प्रशासन ने कश्मीर घाटी में एक सर्वे किया था। इस दौरान करीब 600 बांग्लादेशी नागरिकों को कथित रूप से अवैध रूप से रहते हुए पाया गया।
इन लोगों को श्रीनगर पुलिस की निगरानी वाले एक कैंप में रखा गया था। वहां से उन्हें उनके मूल देश वापस भेजने की अंतिम प्रक्रिया के लिए बागडोगरा भेजा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को 150 लोगों के एक बैच को भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से बागडोगरा ले जाया गया, जहां उन्हें सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के कर्मियों को सौंप दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 150 बांग्लादेशी नागरिकों का एक और बैच 7 अक्टूबर को डिपोर्ट किया जाएगा।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए हाई-लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज यानी एचएलसीडीसी गठित की है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने HLCDC को बताया था कि केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न जिलों में करीब 600 बांग्लादेशियों की पहचान की गई है।
गृह मंत्रालय ने 26 मई को HLCDC का गठन किया था। इसका उद्देश्य अवैध प्रवास और अन्य कारणों से होने वाले जनसांख्यिकीय बदलावों का अध्ययन करना और उनसे निपटने के उपाय सुझाना है।




















