एप्पल के आगामी आईफोन 18 प्रो मॉडल से जुड़ी संवेदनशील जानकारी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के डेटा लीक में सामने आई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, डार्क वेब पर डाले गए दस्तावेजों में आईफोन 18 प्रो के पुर्जों, आपूर्तिकर्ता सूची और कुछ तस्वीरें शामिल हैं।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एप्पल की भारत में अहम आपूर्तिकर्ता और अनुबंध निर्माण साझेदार है। कंपनी आईफोन के पुर्जे बनाती है और असेंबली से भी जुड़ी है। एप्पल चीन से बाहर अपनी आपूर्ति श्रृंखला को विविध बनाने की रणनीति के तहत टाटा पर तेजी से निर्भर हो रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, रैनसमवेयर समूह वर्ल्ड लीक्स ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से चुराई गई 2 लाख से अधिक फाइलों को डार्क वेब पर पोस्ट किया था। इन फाइलों में एप्पल, टेस्ला, ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी और क्वालकॉम से जुड़े दस्तावेज भी बताए जा रहे हैं।
रॉयटर्स द्वारा देखे गए नए दस्तावेजों में कम से कम छह फाइलें ऐसी हैं, जिनमें आईफोन 18 प्रो मॉडल के कई पुर्जों को उनके विशिष्ट आपूर्तिकर्ता से जोड़ा गया है। इनमें मुख्य सर्किट बोर्ड के चिप्स, बैटरी और कैमरा से जुड़े हिस्सों की जानकारी शामिल बताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दस्तावेजों में आगामी आईफोन 18 प्रो मॉडल के सैकड़ों पुर्जों का विवरण है। इससे यह भी सामने आता है कि एप्पल किन हिस्सों के लिए कई आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर है और किन पुर्जों के लिए कुछ सीमित कंपनियों पर। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी जानकारी एप्पल की आपूर्ति श्रृंखला, सौदेबाजी की स्थिति और कमजोरियों को उजागर कर सकती है।
एप्पल आमतौर पर अपने आपूर्तिकर्ताओं और पुर्जों की मैपिंग से जुड़ी ऐसी जानकारी सार्वजनिक नहीं करता। मामले से परिचित एक व्यक्ति के अनुसार, एप्पल इस जानकारी को संवेदनशील मानता है, खासकर इसलिए क्योंकि यह अभी जारी नहीं हुए आईफोन मॉडल से जुड़ी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि लीक हुई कुछ फाइलों पर एप्पल के “गोपनीय” वॉटरमार्क मौजूद थे। इनमें आईफोन 18 प्रो पीढ़ी से जुड़े एप्पल के आंतरिक कोडनेम भी पाए गए।
लीक हुए फोल्डर में आईफोन 18 प्रो से संबंधित कथित तस्वीरें भी शामिल हैं, जिनमें टाटा के एक संयंत्र में आईफोन के ड्रॉप-टेस्ट दिखाए गए हैं। ये तस्वीरें 2026 की शुरुआत की बताई गई हैं। तस्वीरों में एप्पल लोगो वाला ग्रे रंग का पारंपरिक स्लैब-डिजाइन हैंडसेट दिखता है, जिसमें पीछे तीन कैमरों का सेटअप है।
रॉयटर्स ने कहा कि वह फोन के मॉडल नंबर की निश्चित पहचान नहीं कर सका, लेकिन मामले से परिचित स्रोत ने तस्वीरों को आईफोन 18 प्रो मॉडल का बताया।
एप्पल और टाटा के प्रवक्ताओं ने रॉयटर्स के सवालों का जवाब नहीं दिया। रॉयटर्स ने यह भी कहा कि वह लीक हुए डेटा की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका और वर्ल्ड लीक्स से तत्काल संपर्क नहीं हो पाया।
इससे पहले एप्पलइनसाइडर ने रिपोर्ट किया था कि टाटा लीक में आईफोन 18 प्रो से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। टाटा ने जांच के दौरान संवेदनशील प्रणालियों तक आंतरिक पहुंच सीमित कर दी है और फॉरेंसिक ऑडिट के लिए एक वैश्विक सलाहकार नियुक्त किया है।
टाटा एप्पल के लिए चीन से बाहर सबसे महत्वपूर्ण निर्माण साझेदारों में से एक बनता जा रहा है। भारत में आईफोन निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण केंद्र बनाने की नीति का अहम हिस्सा माना जाता है।


















