वियतनाम भारत की सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल खरीदने को लेकर बातचीत करने वाला नया देश बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत और वियतनाम के बीच संभावित 700 मिलियन डॉलर के सौदे पर उन्नत स्तर की बातचीत चल रही है।
यह बातचीत वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान आगे बढ़ी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की। Reuters के अनुसार, ब्रह्मोस सौदे में प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल हो सकता है, हालांकि यात्रा के दौरान औपचारिक हथियार समझौते पर हस्ताक्षर की उम्मीद नहीं थी।
अगर यह सौदा पूरा होता है, तो वियतनाम ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली खरीदने वाला तीसरा देश बन जाएगा। इससे पहले फिलीपींस ने 2022 में 375 मिलियन डॉलर के सौदे के तहत ब्रह्मोस प्रणाली खरीदी थी। इंडोनेशिया ने भी मार्च में कम से कम 340 मिलियन डॉलर के अनुबंध को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई थी।
ब्रह्मोस भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इसे जमीन, समुद्र और हवा से दागा जा सकता है। एशिया के कई देशों में इस प्रणाली को लेकर रुचि बढ़ी है, क्योंकि कई रक्षा मंत्रालय पश्चिमी हथियार प्रणालियों के विकल्प तलाश रहे हैं।
भारत और वियतनाम ने राष्ट्रपति तो लाम की यात्रा के दौरान अपने द्विपक्षीय संबंधों को “उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी” तक बढ़ाया। दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, दुर्लभ खनिज, ऊर्जा और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत 2030 तक वियतनाम के साथ व्यापार को 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखता है।



















