कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री छात्रों को “माफ” करने की बात करते हैं, जबकि सच यह है कि सरकार को छात्रों से सच, न्याय और माफी देनी चाहिए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए यह टिप्पणी की। वीडियो में वे तमिलनाडु में गोपिका, रोशिनी और वेत्री आनंदन के परिवारों से मुलाकात करते दिखे। तीनों मेडिकल अभ्यर्थियों ने NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
राहुल गांधी ने कहा, “तमिलनाडु की मेरी यात्रा के दौरान मैंने गोपिका, रोशिनी और वेत्री आनंदन के परिवारों से मुलाकात की तीन युवा मेडिकल अभ्यर्थी जिनकी जिंदगी NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद चली गई। हर परिवार के पास वही दर्दनाक सवाल था: ईमानदार और मेहनती छात्रों को एक बेईमान व्यवस्था की कीमत क्यों चुकानी पड़े?”
राहुल ने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों ने केवल न्याय मांगा था, लेकिन उन्हें अनिश्चितता, अपमान और टूटे हुए भविष्य का सामना करना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा व्यवस्था की विफलताओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय छात्रों को ही दोषी ठहराने की कोशिश कर रही है।
छात्र संगठनों का आरोप है कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। कई परिवारों ने सरकार से जवाबदेही, मुआवजा और परीक्षा प्रणाली में गहरे सुधार की मांग की है।
कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार मांग कर रहे हैं कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को सजा मिले और प्रभावित छात्रों तथा परिवारों को न्याय दिया जाए।























