वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम मंगलवार को भारत पहुंचे। अप्रैल में राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह उनका पहला राजकीय भारत दौरा है। इस यात्रा के दौरान दोनों देश व्यापार, रक्षा और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर ध्यान देंगे।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि राष्ट्रपति तो लाम नई दिल्ली पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
जायसवाल ने अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी एक्स पर लिखा, “इस साल हम भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 साल पूरे होने का महत्वपूर्ण पड़ाव मना रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बहुआयामी और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाएगी।
राष्ट्रपति तो लाम के साथ वियतनाम सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी भारत आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, उनके साथ एक कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी है।
भारत सरकार के अनुसार, राष्ट्रपति तो लाम बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों पक्ष आर्थिक संबंधों को और गहरा करने पर भी चर्चा करेंगे।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार 16 अरब डॉलर से अधिक रहा।
पूर्व भारतीय राजनयिक राजीव भाटिया ने अनादोलू से कहा कि राष्ट्रपति तो लाम की यह यात्रा अहम है।
उन्होंने कहा, “आसियान देशों में वियतनाम भारत के सबसे करीबी साझेदारों में से एक है। राष्ट्रपति लाम कुछ अंतराल के बाद ऐसे समय में भारत आ रहे हैं, जब दुनिया में काफी उथल-पुथल है।”
भाटिया के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान दो क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है—रक्षा सहयोग और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना।



















